ढबौ!

कीं बोझ

औरूं बधाय लूं,

पगां बांध लूं दांवणौ

तौ चालू!

स्रोत
  • पोथी : जागती जोत ,
  • सिरजक : कैलाश कबीर ,
  • संपादक : भगवतीलाल व्यास
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