आज

कानून कायदा

भले म्हारै सागै है

पण

सांची बात है कै—

वै आज सैंग

कायदा-कानूनां सूं आगै है

म्हारी झांई पड़तां

वांरो हाथ सीधो नाक पर जावै

भली ज़बान सूं कीं बोलै

पण आंख बतावै

म्हांसू वांनै सूग आवै

म्हानै खबर है

जणै कणेई

म्हारी रैल्यां

मंचां, जळसा में

वै म्हारै साथै आवै

म्हारै हकां खातर आवाज़ उठावै

खुद नै म्हां लोगां रै साथै बतावै

जद उणियारां माथै साव

कूण नीगै, निज़र आवै

घरां जांवता

सैंग सू पैली न्हावै।

स्रोत
  • सिरजक : नवनीत पाण्डे ,
  • प्रकाशक : कवि रै हाथां चुणियोड़ी
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