पड़ी पड़ी
घड़ी-घड़ी
घड़ी करै टिक-टिक
पण
कुण टिकै!
टिकै बै ई है
जका
घड़ी-घड़ी बिकै
अर
बिकै बै’ई है
जका
घड़ी-घड़ी झिंकै।
इण खातर
म्हनै लखावै
घड़ी टिक–टिक नीं
झिक-झिक करै।
बतावणौ
घड़ी रो फरज़ है
अब
बो’ई सुणौ
बो’ई अंगेजौ
जकै नै गरज है।
घड़ी तो
घड़ी-घड़ी
सीख देवै
हाथ पकड़-पकड़
मारग बतावै
घड़ी नै
इस्सी कांई गरज पड़ी है।