कदर नूंवै री कांई करणी
नित उगै,
भळै उग जासी
पण उणरो कांई
जिको व्हैगो निजरां अदीठ
टेम रै सागै,
बगत फिरै सब रो
दीसै आज अै फगत उजळा
नीं रेवै रोज
ढळ जावैला ढळतै सूरज रै सागै
पड़ जासी अै भी फीका
चावै तो कुण है
पण टेम किणरो सगो
ओ ई कारण है
वारणा लेवूं ढळतै सूरज रा।