धणी-धोरी

लेवण नीं देवै

आदमी नै ओसाण

पण गिणती में

नीं आवै

ठावा-ठावा

कामां री

रूत हुवै

दिन हुवै

पण तो

ऊग्यै दिन

तैयार रैवै।

स्रोत
  • पोथी : बिणजारो ,
  • सिरजक : निशान्त ,
  • संपादक : नागराज शर्मा ,
  • प्रकाशक : बिणजारो प्रकाशन, पिलानी ,
  • संस्करण : अंक-19
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