धणी-धोरी
लेवण नीं देवै
आदमी नै ओसाण
पण गिणती में
नीं आवै
ठावा-ठावा
कामां री
रूत हुवै
दिन हुवै
पण आ तो
ऊग्यै दिन
तैयार रैवै।