म्हैं तो म्हारी सारी खुसियां, थांरै नांवै लिख दी है।
थांरै जच्चै जियां इब थे,
आंनै बरतो, आंनै खरचो।
म्हैं तो म्हांरी मुस्कानां रो
सोंप्यो थांनै किरचो-किरचो।
म्हारै बागां री सै कळियां, थांरै नांवै लिख दी है।
म्हैं तो म्हारी सारी खुसियां, थांरै नांवै लिख दी है।
थांरी मरजी हो तो बरसो,
हरिया-भरिया खेत में।
चाहै ईंरो बूंटो-बूंटो,
मसळ गेर द्यो रेत में।
ईंरी सिट्यां, ईंरी फळियां, थांरै नांवै लिख दी है।
म्हैं तो म्हारी सारी खुसियां, थांरै नांवै लिख दी है।
आज बता दीन्यो म्हैं थांनै,
म्हारो सगळो धोळो-काळो।
खुद नै संभळा दीन्यो थांनै,
चाहै मारो, चाहै पाळो।
ओ मन बसिया! म्हारी दुनिया, थांरै नांवै लिख दी है।
म्हैं तो म्हारी सारी खुसियां, थांरै नांवै लिख दी है।