फरबो खेत खळाणा को

कूडा पै बेगो-बेगो जाबो

गांव की हथाई,धूण्यां

ठौर-ठौर सेल को करबो

चोमासा में गचागच

गाड़ी की गड़ारां

पार करबो!

आबो अर जाबो

अब तो जाणै

सुपना की सी बातां होगी।

अस्यो टेम चिलगाड़ी पै

चढ़'र आयो अर

भर्र दनां सूं

खड़ग्यो।

स्रोत
  • सिरजक : जितेन्द्र निर्मोही ,
  • प्रकाशक : कवि रै हाथां चुणियोड़ी
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