‘ताऊ’ दुनियां में हुया, जितणा लोग महान
पड़्यो लगाणो तेल तो, सब नै ई श्रीमान।
अगर नहीं तेल लगाता,
कदै तरक्की जीवन में, बै कर नीं पाता।
ईं ताणी कहर्यो हूं थे भी जल्दी जावो
अगर तरक्की करणी है, तो तेल लगावो।
तेल लगाणै सूं पड़ै, चोखा-चोखा नरम
तेल लगाणै में बता, है भी क्या री सरम।
कै रैयो राम लुभायो,
कुण है जो जीवण में कदै न तेल लगायो।
ताऊ कविवर कदै बाद नीं झूठ बतावै
बड़ै बड़ां नै देखां हां, सै तेल लगावै।
लाडी अर गाडी अगर, चल री हो नी वीक
तेल लगा देवो जरा, हो ज्यासी झट ठीक।
तेल की पा चिकणाई,
आं दोन्यां को है स्वभाव दौड़ैगी भाई।
कै ताऊ जे घर ग्रहस्त में है सुख पाणो
पति-पत्नी आपस में सीखो तेल लगाणो।
रासन की दुकान पर, घासलेट को तेल
लेवण गयो बठै मची, अैसी धक्कमपेल।
फाटग्यो कुर्तो सारो,
तेल तो नहीं मिल्यो’र तेल निकळग्यो म्हारो।
बंद करो ओ घासलेट जे है रुकवाणो
तेल छिड़क की बिनणियां नै रोज जलाणो।
करै जे मालिस तेल की, हफ्तै में दिन तीन
कदै उणा रै डील की, जंग न खाय मसीन।
सरू कर दीजे मालिस,
आज्यावैगी सूखी चमड़ी पर भी पालिस।
‘ताऊ’ जो रोजिनां सिर में तेल लगावै
तो खुसकी मिट जाय, चमक बाळां में आवै।