कियां ढूंढर्यो मिनख चांद नै घुप्प अंधारै में
बिना बजै क्यूं उळझै माणस थांरै म्हारै में।
रितु बासंती मदमस्ती कुण पत्तझड़ देखी?
ओटळती किस्तीनद गैरै में भूली सेखी।
लरड़लप्प नै रिळै हैकड़ी कीचड़-गारै में
कियां ढूंढर्यो मिनख चांद नै घुप्प अंधारै मै?
दीपक तूफानी-अंधड़ सूं टक्कर ले लेवै
स्वाभिमान सूं रैय जागतो दाव नाच देवै।
दिल री धड़कण बधै न बो कद रै अणसारै में?
कियां ढूंढर्यो मिनख चांद नै घुप्प अंधारै में?
रिसक न जा अणमोली बेळा अपणै हाथां सूं,
लाय ओसरै दिनुगै-सुदियां करड़ी भाथां सूं,
खेचळ सूं अपणायत जागै दिल रै ढारै में,
कियां ढूंढर्यो मिनख चांद नै घुप्प अंधारै में?
तोड़ तिणकला अणसमझी सूं मत निसरै मन सूं
राख कायजै चेप काळजै अपणौ जीवन सूं
चींत बींत कर मन परवाणै अपणै बारे में।
कियां ढूंढर्यो मिनख चांद नै घुप्प अंधारै में?