मरुभोम रै राय आंगणै

अडग ऊभो थूं आकड़ा

मदादेव री मेहर सूं

घेर-घुमेर होयनै।

घणो गुणकारी है

थूं आकड़ा

थारै सूं बणती ओखद

आदमी नै आराम देवण।

थारी पाधरी तड़ियां

मरु मिनख रै घणै काम री

उणां नै बाढ नै ठाया

कइयक झूंपड़ा

ओला अर ओलिया।

वाती बांधण में

घणै काम रो थूं

डोरियां रा आंटां सूं

बंधतो रैयो ताटी री

मजबूती सारू।

थारी तड़ियां सूं बणिया

किताक किणा’रा धान रै

कोठार सारू

ढाणी री बाड़ अर

चांदडी अर झूंपड्यां बणती

थारी तड़ियां री ताटी सूं।

थारा डागळ पानड़ा

केई भूखां नै जिमायो भोजन

पातळ-दौना बणाय’र

पाणी चाय राब

दूध-दही अर छाछ

पी थारै दौनां में

तिरपत हुया केई मिनख

तो

कजळी तीज नै

तीजणियां इकांसणो खोलती

थारै डाबर पानां में।

थारा थोळोड़ा फूल चढै

संकर रै सीस पर

लोग मानै,

थांरै में वासो है महादेव रो

भोळा बाबा रो वाल्हो झाड़

मनीजै थूं आकड़ा

अरोगै थनै धतूरै साथै।

थारो धोळो-धोळो दूध

करै ओखद रो काम

इकांतरियो या सियो ताव

जिणनै कैवै मलेरिया रोग

इणनै ठीक करण में

थारी कोई बरोबरी नीं कर सकै

थारै दूध री बूंदां

बेकळू रेत में टपकाय

गोळियां बणाय गटकायां

मिट जावतो मलेरिया,

कूंपळी गळियां थारो दूध

लगाईजतो काळजै माथै

ऊंट रा मींगणां सूं।

थारै तड़ी री कांबड़ी

बाजै घणी सांतरी

केई गाय, घोना अर करहल

तगड़ता इण सूं

कदैई टाबरां रै चटीड़

मेलण में काम जावती।

थारै डोडियां सूं रमता टाबर

उणां में घोचा घात

बणाता इणां नै

गाय-भैंस अर बकरी

सूख्यां पछै थारै बीजां सूं

निकळता भूतोड़िया

पकड़ण री होड मंडती

टाबरियां में।

आक-तड़ी जद बरसाळै में

भीग’र सड़ण लागती

तो घणै काम री होवती

मिनख थारा छूंतरा उतार

अंकाळो काढता

ढेरिया सूं कात’र

डोर बणावता थारी

जिण सूं राहड़ी बणती जोरदार

बुणता मांचा घणा फूटरा।

थारै मूळ री मैमा न्यारी

केई जागण-जम्मा रातिजोगा

मौकै-टाणै ब्यांव बधावणै

सागेड़ै सियाळै में

तप करण में काम आवतो

अर

कंपकंपी सूं बचावतो

मानखा देही नै।

नीं थनै कोई रोपतो

आपै ऊगतो मही पर

नीं रुखाळतो

नीं पाणी पावतो

थूं आपै पांगर जावतो

खेत-खेत, धोरां-धोरां।

आजकालै थूं

अलोप हुवण लागो

कारण-

थूं पालर पाणी पीय’र पांगरै

अर बाकळ पाणी पियां

जावै थूं जड़ामूळ सूं।

स्रोत
  • पोथी : जागती जोत 2023 ,
  • सिरजक : भंवरलाल सुथार ,
  • संपादक : मीनाक्षी बोराणा ,
  • प्रकाशक : राजस्थानी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति अकादमी, बीकानेर
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