ल्यो संकल्प करां नै आपां, अपणी मायड़ भासा थापां।
अपणां आंगणां अपणां मांडणां अपणी धूणी तापां॥
ल्यो संकल्प करां नै आपां, अपणी मायड़ भासा थापां।
लेल्यो नै ढौल्या को ढोल,
डंको दे यूं बोलो बोल।
ईं को मोल घणो अनमोल,
हियै तराजू छौकां तोल॥
करां लड़ाई मिलै मानता।
होज्या घर-घर धापां।
ल्यो संकल्प करां नै आपां, अपणी मायड़ भासा थापां।
या छै पन्ना को बलिदान,
याई छै राणा की शान।
या ई मीरां को भगवान,
सूर्यमल्ल का मीठा गान॥
करमां अर किसना की भासा छोटी क्यूं कर नापां।
ल्यो संकल्प करां नै आपां, अपणी मायड़ भासा थापां।
जबई गळै की थांकी दाळ,
छोरा की या बणज्या ढाल।
ऊंचा पद पै बैठै लाल,
सूरज ज्यूं चमकैगो भाल॥
राजस्थानी घोड़ा की दिल्ली तांई गूंजै टापां।
ल्यो संकल्प करां नै आपां, अपणी मायड़ भासा थापां।