आथमियौ दिन

आसकळ-बासकळ स्हैर

अबै सपनै में

सांस लेवै

जिणमें बसियोड़ी मे’क

फंफेड़ियोड़ा चीड़ रा तिणकलां री

नचिन्ती छुट्टियां री

कै कब्रस्तांनां री

भूरा-भूरा परबतां री पूंठ।

छिपियोड़ौ है

मार्च रौ हेक फेर दिन

फागण रौ दिन

स्यात जलम लेवै है

कोई नवौ फैरौ

जिकौ इण बार

घणा टेम तांईं

टिक जावेला।

स्रोत
  • पोथी : रसूल अमजातोव अर विदेसी कवितावां ,
  • सिरजक : अलेक्सान्द्र त्वारदोवस्की ,
  • प्रकाशक : रॉयल पब्लिकेशन, जोधपुर ,
  • संस्करण : प्रथम संस्करण
जुड़्योड़ा विसै