नेकी
अर नेक चलण रौ
रह्यौ नीं आज जमानौ
इण वास्तै
नेक लोगां नै
आपरी नेकी रौ
पांवडै-पांवडै पड़ै है
नेग चुकाणौ।
काम कढावणै खातर
करौ मती नेग री नागा
मांगै जितरा ई बाळौ आगा
आपां नै आपरां रौ
जिंयां किंयां ई
काम काढणौ।
नेग,
नेग री बात नुंवादी कोनी
परापरी सूं
देता रहीज्या है अठै नेग
आपां रै बाप जमारै रौ तो
औ नुंवौ अविष्कार कोनीं
हां, इण में कीं फरफार
हुय सकै
पैली राजी-राजी देता नेग
अबै कदैक माडाणी लिरीज सकै
इत्तौ तो मानणौ ई पड़सी
नेगदार रै अड़ियां ई
नेग पार पड़सी
बिना मांग्यां आज पैलां
कुण-कुणसै नेग चुकाया?
भूल्यां नै अै लेवाळ ई बगतसर
नेग देवणा वादा दिराया...
औ नेग रौ जुग
थे भी नेग पंथ नै अपणावौ
सैकड़ूं देय करोड़ूं कमावौ!