सेठ जी हो गया अब साहब!

सेठानी जी हो गई मैम

हिन्दी कुण बोलै, इंगलिश रो

अब तो फर्राटो चलर्‌यो है

अब जी हुजूर तो विदा हुयो

सर रो सर्राटो चलर्‌यो है

कुश्ती दंगळ अर योगासन

स्सौ खत्म हुयो जी अनुशासन

अब पहलवान नै कुण पूछै

जद हर मुहल्लै अर गळी-गळी

जिम अर जूडो कर्राटो चलर्‌यो है

अब जी हुजूर तो विदा हुयो

सर रो सर्राटो चलर्‌यो है

रामायण-लीला रास निरत

टीवी स्सौ क्युं अब गयो लील

छविगृह सारा हो गया सील

भासा संस्कृति साहित्य मांय

सगळै सन्नाटो चलर्‌यो है

अब जी हुजुर तो विदा हुयो

सर रो सर्राटो चलर्‌यो है

सुर रै सरताजां नै रैयो

शास्त्रीय सुरां सै ज्ञान कठै

आंधी में दीप जलादे बा

अब तानसेन री तान कठै

स्सै साज भूल गया साजिंदा

स्सौ साज बेसुरो बजर्‌यो है

अब जी हुजूर तो विदा हुयो

सर रो सर्राटो चलर्‌यो है

अठै पति परमेश्वर कहलावै है

मरवण पर हुकुम चलावै है

हे भारतीय! थारो घणो भाग

जे पश्चिम हुया हुवै तलाक

मुन्सिफ नै कहवै वा पत्नी

अब रह कोनी संकू आंकै पास

आई जदस्यूं खर्राटो चलर्‌यो है

अब जी हुजूर तो विदा हुयो

सर रो सर्राटो चलर्‌यो है।

स्रोत
  • पोथी : बिणजारो ,
  • सिरजक : आई. सी. ‘गोपाल’ ,
  • संपादक : नागराज शर्मा ,
  • प्रकाशक : बिणजारो प्रकाशन, पिलानी ,
  • संस्करण : अंक-19
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