जद-जद
इण बाग री
कोयलां
अैन बारै
निकळ’र
आपो छोड
किया
फैल-फतूरा
उण रै
खुद रै बाग री
बातां छोडणी’ज भली
जठै-जठै
उडती डोली
उठै-उठै
उगाती फिरी
आक अर
धतूरा।