कागद आणा

बंद हुयग्या

कागद जाणा

बंद हुयग्या

अबै कुण राखसी

कागदां नै

संभाळ'र

कागद

अबै म्यूजियम री

चीज बणग्या

अबै लागै

कागद अडीकसी

मिनख नै।

स्रोत
  • सिरजक : दुष्यंत जोशी ,
  • प्रकाशक : कवि रै हाथां चुणियोड़ी
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