बीण बजाई सपेरो

झट भेळी हुयगी भीड़

जिंयां मंच पै कोई

मंत्रीजी नै देख

पब्लिक भेळी हुयगी हुवै।

सपेरो मजमो लगायो

अर आपरै टींगर नै

घुमायो पेट खातर

झोळी फैलायां

पीसा मांगण वास्तै,

पण अेक रो भी हाथ

नीं निकळ्यो जेब सैं बाहर।

सपेरो ओज्यूं बजाई बीण

अर खोली गोळ-गोळ

सांपां री पिटारी

निकळै लागा

कई रंगा अर कई आकार रा सांप

सपेरै दिखाई

अेक काळै नाग

अर नेवळै री भिड़ंत

लहू-लूहान हुयग्यो नाग

सपेरो मांगै हो इब

सांप रै दूध रा पइसा,

लोग फेंकै लागा

चवन्नी, अठन्नी अर कलदार रिप्या

सांपां नै दूध प्यावण वास्तै।

सांप जीब निकाळै हा लपालप

हांसतो ज्यावै हो सपेरो

अर भेळा करतो ज्यावै हो पीसा

जिंया कोई चालू नेतो

भेळो करतो हुवै चंदो

बाढ़ग्रस्त क्षेत्र री

इमदाद रै नांव सूं।

स्रोत
  • पोथी : बिणजारो ,
  • सिरजक : राधेश्याम अटल ,
  • संपादक : नागराज शर्मा ,
  • प्रकाशक : बिणजारो प्रकाशन पिलानी (राज.) ,
  • संस्करण : 13
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