मुळकती चांनणी रा आकळ मोह ज्यूं
पिळू-पिळू अन्तर भरी रूप-तळाई माथै-
तिरै थारी प्रीत रौ सतरंग लैरियो
जिण में झीणौ-झीणौ झांकै है-
काजळिया नैणां रौ सम्मोहण-जाळ
नागण वेणी री लय लहरणी मे।
सुरां’ळी रंग रळी रौ रळाव
सुतर-सरोवर डोब डोहण नै
हींजरतै हियै रौ बारण बंध आफळै।