थूं जाणै है
आपरा फरजंद नै।
थारी निजर में
कीं छानो नीं है।
आ सगळो संसार थारो मढ है
अर इण रै आंगणिये
रपटोळा करण आळा
म्हे सगळा थारा काबा हां मावड़ी।