जद-जद

इण बाग री

कोयलां

अैन बारै

निकळ’र

आपो छोड

किया

फैल-फतूरा

उण रै

खुद रै बाग री

बातां छोडणी’ज भली

जठै-जठै

उडती डोली

उठै-उठै

उगाती फिरी

आक अर

धतूरा।

स्रोत
  • पोथी : बिणजारो ,
  • सिरजक : कुन्दन माली ,
  • प्रकाशक : बिणजारो प्रकाशन पिलानी (राज.) ,
  • संस्करण : 13
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