हुग्यो जारी जब कन्ट्रोल, मच्यो मुलक में रापट रोळ

चवड़ै चल रैयो चोर बजार, रिश्वत दे रोक्यो रुजगार

खूब गांव में लादी पोल हुग्यो जारी जब कन्ट्रोल।

राशन में रदी देवै धान, पैली लेवै रोकड़ा दाम

फेरूं दे रैयो करती लोल, हुग्यो जारी जब कन्ट्रोल।

घासलेट को रदी तेल, कद छूटसी परमिट सूं गेल

भीड़ मांय पल में बिगड़ै डोळ, हुग्यो जारी जब कन्ट्रोल।

सक्कर में नित चक्कर खवावै, मुश्किल पड़ै हाथ नहीं आवै

पीवां चाय नित गुड़ की घोळ, हुग्यो जारी जब कन्ट्रोल।

गांव-गांव में घाली फूट, चूगल चोरटां मांडी लूंट

बंकट कहै बजाकर ढोल, हुग्यो जारी जब कन्ट्रोल।

स्रोत
  • पोथी : जलम भोम ,
  • सिरजक : बंकटलाल कड़ेल ,
  • संपादक : मूळचंद 'प्राणेश' ,
  • प्रकाशक : राजस्थानी भाषा प्रचार प्रकाशन, बीकानेर (राज.) ,
  • संस्करण : 2-3, जून-दिसम्बर
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