गुडकी री मां बोली—
“सुणौ हो कांई गुडकी रा बापू,
जोसी जी कैवै हा
कै थारी सैंग मनोकामनावां
पूरण होवैगी।”
मैं बोल्यौ—
“आ बात तो ठीक है,
पण गुडकी माऊ-माऊ कर’र
भौत रोवैगी।