बरसां पैली

बापूजी अर मां

अठै ही

गुवाड़ में माचो

ढाळ’र बैठता

गुवाड़ मांय

घर घर

सगळै घरां रो

अेक परवार

गुवाड़ मांय

बापूजी सुणावता

सगळा टाबरां नै

राकस अर बड़बाकस री बातां।

अबै हुवै फ्लैट

मोटा-मोटा मकान

अठै रैवै

ममाज ‘बॉय’

पापा री ‘परी’

अै देखै

नेटफ्लिक्स

पे मूवी

क्यूंकै अै

पढी-लिखी

न्यूक्लियर फेमिली है।

स्रोत
  • पोथी : कथेसर ,
  • सिरजक : अनिता सैनी ,
  • संपादक : रामस्वरूप किसान ,
  • प्रकाशक : कथेसर प्रकाशन ,
  • संस्करण : अप्रैल-जून 2026
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