बरसां पैली
बापूजी अर मां
अठै ही
गुवाड़ में माचो
ढाळ’र बैठता
गुवाड़ मांय
घर ई घर
सगळै घरां रो
अेक परवार
गुवाड़ मांय
बापूजी सुणावता
सगळा टाबरां नै
राकस अर बड़बाकस री बातां।
अबै हुवै फ्लैट
मोटा-मोटा मकान
अठै रैवै
ममाज ‘बॉय’
पापा री ‘परी’
अै देखै
नेटफ्लिक्स
पे मूवी
क्यूंकै अै
पढी-लिखी
न्यूक्लियर फेमिली है।