1
कतरियासर री
आ जीवली खै’ण
काळ कसूम्बै
री साथण,
मन्ने अर म्हारा गांव आळा नै
तीन पीड़ी सूं
रोजी रोटी देंवती
इण खैण नै
अब सै’र का
सेठ भैरूलाल
ठेकै लेय लीन्ही है
इण खै’ण माथै
गांव अर म्हारै घरां सूं
अब कोई मोट्यार
कदै’ई नीं
जा सकेला,
माटी नीं खोद सकेला।
खै’ण माथै
मशीन लागगी है
तीन पीड्यां री
आ साथण
अब म्हाने रोजी रोटी
नीं दे सकै
म्हासूं मुं फेर लयो है।
2
खै’ण मांय चालती
मशीन री खड़बड़ाट
सेठ री लारी मोटरां री
घर्राट म्हारै काळजै नै
चूंटे है लगो-लग
उण सूं उड़ती
खंक चिप्पै है
म्हारे काळजै मांय
पण
मैं अर म्हारा
गांव रा लोग
अब की नीं कर सकां,
सेठ ऊपर सूं
हुकम लायो है।
अब काळी
फेमिन मांय
म्हानै गांव सूं
पांच कोस
अळगी
अगूणो खिराळी खै’ण माथै
जावणै रो हुकम हुयो है
म्है अर म्हारै गांव री
जीवली खै’ण
अब चांवता थकाँ भी
तीन पीड़ी रा समंद
नीं राख सकांला
रात रै सरणाटै
नै भाग री है
सेठ भैरूलाल री मशीन
अर खंक उडावंती
उण री लारी।