क्यूं तो बचावो म्हारा छैल,
गिरस्थी सारी काची पड़ी।
जो पीसां नै राखै-बोवै
पीसां की भी खेती होवै।
रहवै सगळां सूं मेल,
गिरस्थी सारी काची पड़ी।
आज बचत रो नाम बड़ो है,
दामां को भी काम बड़ो है।
आपां खरीदां बढ़िया बैल
गिरस्थी सारी काची पड़ी।
डावड़ी रो म्हे ब्याव करांला
बाई सा रो भात भरांला।
पाछै करांला दोन्यू सै’ल
गिरस्थी सारी काची पड़ी।