म्हानै छोड’र

मत जाई

थूं करसी बियां ईज होसी

पण पीठ ना दिखाई

म्हे पुकारां थानै

पड़सी कैयो मानणो

थारै जायां

लिचकेड़ी छात अर

टूटेड़ा बरंगा माथै

चिड़ियां रो आलणो

मल माणसी अर सिदक।

साथै जासी

चिमनी रो च्यानणो।

स्रोत
  • पोथी : बिणजारो ,
  • सिरजक : रामदास ,
  • संपादक : नागराज शर्मा ,
  • प्रकाशक : बिणजारो प्रकाशन पिलानी (राजस्थान) ,
  • संस्करण : अंक-27
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