लोहो अर सिमेंट को अेक बड़ो हिस्सो
मंतरी, ठेकेदार अर इंजीनियर
तीनूं मिल बांट खागा
अर, उद्धाटण रै दिन
पुळ पर झूठो इल्जाम लगागा।
बापड़ो पुळ, क्यूं बोल नीं सकतो हो
इणकी पोल खोल नीं सकतो हो।
आपणैं पर झूठो नाम लाग्यो
या बात बो सह्यो कोनी,
बो ईमानदार पुळ घड़ी भर भी
चैन से रह्यो कोनी।
दो दिनां बाद
बो पुळ, नदी में कूदकर आत्महत्या करी
आपरी ईमानदारी को सबूत देतो हुयो
बो पाणीदार पुळ
पाणी में बह गयो,
में लोहो अर सीमेंट नीं खायो
या बात मरता-मरता कह गयो।