थारै

हरेक सवाल माथै

' है नीं पापा...

औ इयां है नीं

अै चिड़कल्यां

अै तारा

औ चांद

औ आभौ

आ धरती

अै अलियन

है नीं पापा !'

बेटा

थारै 'है नीं... औ इयां है नीं...'

आखै जग रो सो-कीं है बेटा।

स्रोत
  • पोथी : थारी मुळक म्हारी कविता ,
  • सिरजक : गौरी शंकर निम्मीवाल ,
  • प्रकाशक : एकता प्रकाशन
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