अेक कवि सम्मेलन रै
मांय
जनता
अपणी औकात माथै आयगी
अेक-अेक कर
सगळा कवियां नै
हूट कर खायगी
आयोजक सोच्यो
कै अठै तो
अेक ई कवि
हिट होवतो कोनी दीखै
श्रोतावां री निजरां में
फिट होवतो कोनी दीखै
वो झट ऊठ’र
माईक माथै आयो
अर सगळा
पण्डाल नैं
जोर सूं
हड़कायो।
सुणो सरोतावां!
थां अेक-अेक कर
सगळा कवियां नै
हूट करिया
सड़ा अण्डा अर
टमाटरां सूं शूट करिया
बापड़ा कवियां नै
थे सहीद कर सको
तो कांई
उण री सहादत माथै
दो मिनट तांई
मून
कोनी धर सको?