दीठ

घणी भोळी

पसीजगी फूल माथै

अर

आगै वध्यौ हाथ

पण हुयगौ धोखौ

नीचै पड़गौ फूल

अर हाथ आया कांटा।

स्रोत
  • पोथी : बिणजारो ,
  • सिरजक : सुखदेव राव ,
  • संपादक : नागराज शर्मा ,
  • प्रकाशक : बिणजारो प्रकाशन पिलानी (राजस्थान) ,
  • संस्करण : अंक–18
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