थाँकै कारणै
जरूरी छै म्हँ सूँ ज्यादा
फरज काम
दिखाबा
रीति-रिवाज बंधन
ज़माना का सारा गोरख-धंधा
अर म्हारै कारणै
सब सूँ पैली सूँ बी पैली छौ
थाँ
थाँ कौ घणौ सारौ प्रेम
थाँ के लाराँ बिताया हुया
एक पल के आगै
हो जावै छै
करोड़ाँ कलावाँ बी
बावनी
रीता हो जावै छै ज्हाँ
सारौ अहंकार
क्यों कै
थाँ छौ म्हारा आदि गुरु
आदि सबद
थाँका बारा में
सोचबौ ई छै
म्हारै कारणै
महामिलन