भीतर हाली एक डाळ

जिकी माथै बसन्त रा फूल हा।

सुर्‌ख अनै सौरम सूं भर्‌योड़ा।

इयां आयो हो कणांई

थारो एकलो कागद

एक दिन डाक सूं।

स्रोत
  • पोथी : बिणजारो ,
  • सिरजक : हेमन्त शेष ,
  • संपादक : नागराज शर्मा ,
  • प्रकाशक : बिणजारो प्रकाशक पिलानी (राज.) ,
  • संस्करण : 23
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