मैं बोल्यो, भायला!
मैं डूबर्यो पाणी मांय
अर थारो कोई
अत्तो-पत्तो ई कोनी हो।
बोल्यो भायलो,
आणै री तो
मोकळी मंशा थी
पण घरां कोई ढंग रो
छत्तो ई कोनी हो।