हंसी

ठिठोली

घणां सूं।

पण

अपणी बीती कही

फगत थूं सूं।

स्रोत
  • पोथी : बिणजारो ,
  • सिरजक : हरदान ‘हर्ष’ ,
  • संपादक : नागराज शर्मा ,
  • प्रकाशक : बिणजारो प्रकाशन, पिलानी ,
  • संस्करण : अंक-19
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