बचपणां में

म्हारा मनड़ा रा मीत

नेता रै हाथां सूं

उद्घाटन कराय’र

बोया, आम

यूं सोच नै कै

आपणा होवै है

मिनख, आम

आज सोचूं हूं

कै

कूंकर ऊग आया

आंबां री गुठळ्यां सूं

कांटां वाळा थूर नै

बोल्या बबूल

जीवण री या उलटी रीत

कूंकर करूं कबूल?

स्रोत
  • पोथी : हिवड़ै रो उजास ,
  • सिरजक : मोड़सिंह बल्ला ‘मृगेन्द्र’ ,
  • संपादक : श्रीलाल नथमल जोशी ,
  • प्रकाशक : शिक्षा विभाग राजस्थान के लिए उषा पब्लिशिंग हाउस, जोधपुर
जुड़्योड़ा विसै