आजकाल
आदमी हो ग्यो छै घणौ ‘प्रेक्टीकल’
कोई कतणौ आ सकै छै काम
कर सकै छै कतणी सिफारिश
ऊं कै ई अनुसार
राखी जावै छै ऊं सूं
दुआ-सलाम
हाथ मलाबा को ढंग
माथौ झुकाबा को कोण
जै-राम-जी की करबा की स्टाइल
चाय-पाणी-नास्तो सब
ईं बात पै ई करै छै ‘डिपेण्ड’।