भारतीय क्रिकेट रौ स्तर बढ़ रैयौ है

लारलै दिनां धोरां-धरती री सांस्कृतिक राजधानी जोधपुर रै उम्मेद भवन पैलेस में ग्वालियर सूटिंग रौ विज्ञापन संस्था अेम. अे.पी.पी. रै वास्तै छायांकन करण रै सिलसिलै में क्रिकेट जगत रा जगचावा खिलाड़ी अर पटौदी नवाब मंसूर अली खान अर वां री धरमपत्नी फिलम जगत री चावी अभिनेत्री शर्मिला टैगोर जोधपुर पधार्‌या। इण मौकै ‘माणक’ सारू वां सूं बात-बतळाव करी मनीष व्यास।

मनीष व्यास : ज क्रिकेट में राजनीति घुसगी है अर मौजूदा बगत में क्रिकेट टीमां रै चयन में श्रेष्ठता रौ आधार कम मैसूस कर्‌यौ जा रैयौ है। इण बाबत आपरा कांई विचार है?

 

मंसूर अली खान : आ बात साव साची है के आज खेलां रै छेत्र में राजनीति आपरा पग फैलावणा सरू कर दिया है। पण म्हैं इण बात सूं सहमत नीं हूं के क्रिकेट में राजनीति आपरौ प्रभाव जमायौ है। क्रिकेट में घणकरौ चयन तो आज ई श्रेष्ठता रै आधार माथै ई हुय रैयौ है।

 

मनीष व्यास :  कांई आपनै ओ नीं लागै आपां रां टेस्ट खिलाड़ी अबै अधबूढा हुय चुक्या है अर युवा खिलाड़ियां नै प्रोत्साहन कम मिल रह्यौ है?

 

मंसूर अली खान : युवा खिलाड़ियां नै प्रोत्साहन तो दियौ जा रैयौ है, पण वे टैस्ट मैच में कीं कर नी पावै। आ ई वजै है के आज 21 वरस सूं बेसी उमर रा ई क्रिकेट खिलाड़ी आपरा पांव जमायां बैठा है। इण बाबत तो ‘क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड’ नै इज ध्यान देवणौ पड़ैला, तद ई बात पार पड़ैला।

 

मनीष व्यास : विश्व री नामी-गिरामी अर विश्व कप विजेता भारतीय क्रिकेट टीम आपरी दीठ में आजकाल कैड़ीक है?

 

मंसूर अली खान : भारतीय क्रिकेट टीम हाल ई में संपन्न टैस्ट मैचां अर अेक दिवसीय मैचा में अच्छौ प्रदरसण कर्‌यौ है। अर जे वेस्ट इंडीज टीम नै छोड दियौ जावै तो भारतीय टीम आखै संसार में अव्वल नंबर माथै गिणीजै। आज ई प्रदरसण नै देखतां थकां इणरौ स्तर बढ ई रैयौ है, घट नीं रैयौ।

 

मनीष व्यास : आज अमूमन देख्यौ जा रैयौ है के लोगां रौ टैस्ट मैच कानी रुझाण कम हुवतौ जा रैयौ अर अेक दिवसीय मैच हुवण रै बाद तो स्टेडियम खाली-खाली-सो ई निजर आवै। इण बाबत आपरौ कांई कैवणौ है?

 

मंसूर अली खान : इणरी वजै है सीमितता। आज हरेक आदमी रै कनै सीमित साधन है अर सीमित आय है। अर जद अेक दिन में ई किणी मैच रौ नतीजौ निकळ रैयौ हुवै तो लोग क्यूं आपरा पांच दिन खराब करैला! अर पछै वां पांच दिना में ई कांई भरोसौ के निरणै निकळैला ई!

 

मनीष व्यास : कांई टैस्ट मैच अर अेक दिवसीय मैच री टीमां न्यारी-न्यारी हुवणी चाइजै?

 

मंसूर अली खान : टैस्ट मैच अर अेक दिवसीय मैच री टीमां विंयां तो बिल न्यारी-न्यारी ई हुवणी चाइजै। पण सामली टीमां नै देखता थकां इण में कीं युवा खिलाड़ियां नै ई सामल करणौ चाइजै ताकै उणां नै ई प्रोत्साहन मिलै अर टीम रौ संतुलन ई बणियौ रैवै।

 

मनीष व्यास : मैदान में चुस्ती अर फुरती रै कारण वेस्ट इंडीज रा खिलाड़ियां आपनै ‘टाइगर’ रौ नाम दियौ। कांई आ बात साची है?

 

मंसूर अली खान : ‘टाइगर’ रौ उपनाम वेस्ट इंडीज रा खिलाड़ियां नी दियौ है। ओ उपनाम तो म्हनै म्हारी मां दियौ है।

 

मनीष व्यास : घर मांय आपनै टाइगर नाम देवण री बजै?

 

मंसूर अली खान : वजै! वजै तो जरूर है। पण म्हनै मालुम नीं है।

 

मनीष व्यास : दस बरसां तांई भारतीय टीम रौ आप नेतृत्व कर्‌यौ है। आप इण दौरान किण-किण खिलाड़ियां सूं प्रभावित हुया?

 

मंसूर अली खान : म्हैं सबसूं बत्तौ प्रभावित जयसिम्हा, चद्रशेखर अर प्रसन्ना रै खेलां सूं हुयौ। उणां रा खेल तो म्हनै उणां रौ मित्र ई बणाय दियौ।

 

मनीष व्यास : पिच विशेषज्ञ पी. सीतारामजी रै बारै में केई खिलाड़ियां नाराजगी परगट करी है, आपरै साथै खेलण वाळा सीतारामजी बाबत आपरा कांई विचार है?

 

मंसूर अली खान : भारत में जठै जैड़ौ पिच (टर्फ विकेट) बणणौ चाईजै, वो सीतारामजी बणायौ है। अर देस में उणसूं बढ’र दूजौ कोई पिच बणावण वाळौ म्हारी निजरां में नीं है।

 

मनीष व्यास : क्रिकेट रै अलावा आपनै दूजा कुण-कुण सा खेलां सूं लगाव रैयौ है?

 

मंसूर अली खान : ‘विलियर्ड़’ अर ‘साइकिल’ पोलो में ई म्हारी घणी रुचि रैयी है।

 

मनीष व्यास : क्रिकेट री दुनिया छोड’र आप अेकदम ‘मॉडलिंग’ री दुनिया कीकर अपणाय लीवी?

 

मंसूर अली खान: (मजाक करता थकां) पइसां री कमी री वजै सूं।

(बाद में उणा बतायौ के अेम. अे. पी. पी. रा आलीक मंडेलियाजी अर ग्वालियर वाळा सूं निजू सनेव होवण रै कारण वे इण संस्थान सारू मॉडलिंग रौ काम कियौ है)

 

मनीष व्यास : जोधपुर में 7 नवंबर सूं सरू हुवण वाळै ‘ईरानीं ट्राफी मैच’ में कांई सगळा टेस्ट खिलाड़ी हिस्सौ लेसी? घोषणा करीजी है क इण मैच रै पछै अठै शरजाह जावण वाळी टीम रौ चयन होसी?

 

मंसूर अली खान : ‘ईरानी ट्राफी’ में ओ कोई जरूरी नीं है के सगळा टेस्ट खिलाड़ी ई हिस्सौ लेवै। ‘ईरानी ट्राफी’ युवा खिलाड़ियां रै चयन रै वास्तै हुवै। अर टैस्ट खिलाड़ी तो इत्ता थाक जावै के उणां नै आराम री जरूरत ई रैवै। पछै बरसां सूं आपरौ जौहर दिखावण वाळौ जे ‘ईरानी ट्राफी’ में दिखाय नीं पावै तो उणनै टीम सूं हटाय तो नीं दियौ जावैला। हां, आ बात साची है के देस में हुवण वाळी ट्राफियां अर सहायतार्थ मैचां में ईरानी ट्राफी रौ आपरौ न्यारौ अर निजू महत्व है।

 

मनीष व्यास : क्रिकेट रै कारण आपरी जिंदगी में कोई मोड़ आयौ?

 

मंसूर अली खान : क्रिकेट सूं अैड़ौ कीं नीं हुयौ।

 

मनीष व्यास : राजस्थान अर खास कर'नै जोधपुर आपनै कैड़ौक लागौ?

 

मंसूर अली खान : राजस्थान में म्हारौ आवणौ हुवतौ ई रैयौ है। जोधपुर में दिसंबर में फेर आवूंला।

स्रोत
  • पोथी : माणक पारिवारिक राजस्थानी मासिक ,
  • सिरजक : नवाब पटौदी सूं मनीष व्यास री बंतळ ,
  • संपादक : पदम मेहता ,
  • प्रकाशक : माणक प्रकाशन
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