पिता जैड़ा पूत आज रा

जीवता जमदूत आज रा

ऊजळ दंता ऊपरा छै

मांय मिजळा भूत आज रा

तूट जासी तांण तांई

सम्बन्धां रा सूत आज रा

इण बगत में जूण जीणी

जाडा राखी जूत आज रा

मिनख खाय नै बैठा मुळकै

देखौ अै अवधूत आज रा।

भलै मिनख रौ कुण छै भीड़ू

सगळा नागा तूत आज रा।

स्रोत
  • पोथी : बिणजारो ,
  • सिरजक : आईदान सिंह भाटी ,
  • संपादक : नागराज शर्मा ,
  • प्रकाशक : बिणजारो प्रकाशन पिलानी (राजस्थान) ,
  • संस्करण : 15
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