पूरा न्हं होबाळा कोल गीत होग्या

हां साहब अब तो अणमोल गीत होग्या

जनपथ सूं झुक-झुक मुजरा करबा हाळा

सज्या धज्या ऊंटां का झोल गीत होग्या

जूत्यां में सतभेळी दाळ बांटबा सूं

टुच्ची पंचायत का ढोल गीत होग्या

म्हां सूं यूं मोरां की खाल रो’र बोली

बूंटां का घणकाठा सोल गीत होग्या

थां बोल्या गालिब की बात गजल होगी

म्हां बोल्या मीरां का बोल गीत होग्या

स्रोत
  • पोथी : माणक (पारिवारिक राजस्थानी मासिक) ,
  • सिरजक : प्रेमजी प्रेम ,
  • संपादक : पदम मेहता ,
  • प्रकाशक : माणक प्रकाशन ,
  • संस्करण : अगस्त 1986
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