ढाणी म्हानै जमाणी छै
लियो हाथ म्है पाणी छै
थांग पताळां ऊंडै री
सामरथां जग जाणी छै
पड़तो आसमां झेलण री
हैसत लोग पिछाणी छै
तूफानां रो रूख मोड़ूं
नावां अठै चलाणी छै
मौतड़ी भूल'नै भाया
सोहरत अबै कमाणी छै
रसतौ अबै कवण रोकै
ललकारां लगवाणी छै
बुहारौ मौत रा पथ नै
जुहारौ जिदगाणी छै