नखराळी बूंदी
म्हांकी बूंदी
आपणी बूंदी
हाड़ौती की स्यान छै
हाड़ावां को मान छै
हाड़ी राणी जलमी जठै
व्हां धरा महान छै
लोक लुभाणी
मन नै भाणी
ईं को नं कोई भाया साणी
नखराळी बूंदी
म्हांकी बूंदी
आपणी बूंदी।
अरावली आडावळ उबी
मनमोवणी छटा छै खूबी
तारागढ़ को ताज संजोया
नौ लक्खा तळाव छै म्हांया
बावड़्या को सहर छै लूंठो
वीर धरा को गाडै खूंठो
बावड़ी राणी
मीठो पाणी
जीं की कांईं क्हैवां ख्याणी
नखराळी बूंदी
म्हांकी बूंदी
आपणी बूंदी।
रूप रूपाळा भींत पै चितराम
चौरासी थंबा छतरी को नाम
सुरजन हाड़ा बीर की धरती
सूरजमल की कलम विचरती
चांबल पाणी
हाड़ी राणी
दुन्यां संदी, संदी जाणी
जुद्धां मं जो काम जो आया
बहादुरी ईनाम पाया
रंगनाथ नं पूजबा वाळा
मातभौम का छै रखवाळा
चौथ भवानी
बीजासण राणी
बूंदी भारत की पटराणी
नखराळी बूंदी
म्हांकी बूंदी
आपणी बूंदी।