थे जागो तो मिनखपणै रो आगम जागै
थारै जाग्यां दुख-दाळद सगळो ई भागै
उठो, चिड़कल्यां बिरछां ऊपर गावण लागी
फूलड़ां री सौरम सूं मीठो गीत सुणावो रे
जागो-जागो रे।
थे गावो तो दसूं दिसावां गावण लागै
थे चिलको बण सूरज तो अंधारो भागै
जागण हाळो गीत सुणावै है तावड़ियो
परभाती रा सुर में छोरो गीत सुणावो रे
जागो-जागो रे।
थे जागो तो इण भोमी रा भाग जागज्या
थारै जाग्यां सगळा अपणै काम लागज्या
उठो नींद में मत फेरो थे अब पसवाड़ा
उठो, उडीकै कुस्ती सारू, खुद्या अखाड़ा
दुसमण रो जीव दै’कै, सुण बो गीत सुणावो रे
जागो जागो रे।