तिरस्कार सच रो मिथ्या रो अभिनन्दन व्हैला।
कुण नै थो बिसवास कि अैड़ा परिवर्तन व्हैला॥
उजियारां रा ग्रंथ विमोचित, तमरै हाथां व्हैला।
खुशियां रा शैशव, किसोर अब, गम रै हाथां व्हैला॥
हर सिझ्यां रै सिर विहान रा अलंकरण व्हैला।
कुण नै थो बिसवास कि अैड़ा परितर्वन व्हैला॥
दुरजन महलां में बैठ्या अब मौज मनावैला।
सज्जन भग्न कुटी में भूखा अलख जगावैला।
भ्रष्टाचारी रै कदमां रो यश गायन व्हैला।
कुण नै थो बिसवास कि अैड़ा परिवर्तन व्हैला॥
निरदोसी लज्जित व्हैला दोषी मुस्कावैला।
अब गणमान्य दलाल और तस्कर कहलावैला॥
चिंता छोड़ पड़ौसी री घर रा चिंतन व्हैला।
कुण नै थो बिसवास कि अैड़ा परिवर्तन व्हैला॥
पोस्टरां में फसल उगैली, सूखा खेत रैवैला।
सिर्फ आंकड़ा सभी योजनावां री प्रगति कैवैला॥
पूर्व समय सूं वृद्ध देश रा नव यौवन व्हैला।
कुण नै थो बिसवास कि अैड़ा परिवर्तन व्हैला।