लंगड़ाळो बाळो लहर, चिरताळो चितचोज।

बबराळो काळो बिकट, मतबाळो मन मोज॥

गुण ओरो गोरो गहर, जोरो जोत उजास।

सज धोरो सूंधै सिखर, रच्यो सजोरो रास॥

मंडे अखाड़ो इलोळा बीर बावनूं किलोळा मोज,

हिलोळा सबोळा टोळा हबोळा हलांण।

चोळ बोळां सिंदूरां सचोळा पै मचोळा चल्ले,

जळाधीस हल्ले ज्यूं कचोळा अंब जांण।

छाकले जोगण्या चंडी डाक ले कंठीर साजा,

समाजां बावनूं बीर हाकले सधीर।

हळा बोळ तारू हेम झाकलेस डैरूं हक्कां,

चक्खां चोळ दारू भैरूं छाकले सुचीर।

तवै संहस मेळा बीर मिलाजे भूतेस तणी,

भूचरां खेचरां चेळा सचेळा बयान।

बेताळा जक्खेस हेळा रचेळास देवा ब्रन्न,

अनेकां चिरत्र खेळा रचेळा अयान।

धक्रले अरंदा नक्र चक्र ले अभक्खे प्रांण,

भचक्के सक्र ले थांण डक्र ले बैताळ।

अक्र ले नरंदां हक्र वक्र ले झझक्खे आंण,

जच्चेके छक्र ले जांण टक्र ले जैताळ।

चलावै सुरेस आगा ताळमी सचेस चूके,

मच्चे सै गिरंदां मूके गाळमी मरोड़।

पब्बै राठ चाळमी नचेस नाच खेत पीरां,

जोत बीरां भाळमी नचे सरूप जोड़।

बेग सूं धमंके पांय घूघरा धमंके बीरां,

व्रत पै ठमंकैं झूकझमंके सुनेच।

खार पै अमेस चेळा आकेस छायो खेहां,

अच्छेहां राकेस छायो तमे सेधूं एंच।

भच्चके दणेस सेस हच्चकेहू लोक भये,

अम्बरे भूलोक जांण लच्चके असेस।

रच्चके नच्चके डांण रम्बरे सुरलोक रंजि,

डम्बरे धूलोक भांण मच्चके डसेस।

कड़क्कै पंयाळ धरा धड़क्कै समट्ठा कंध,

कड़क्कै कम्मठां कंध कदम्मां आकाय।

बड़क्कै करोड़ डढ्ढा खड़क्कै कुळीस बंडा,

गड़क्कै इक्कीस बंडां जमांलोक गाय।

सिखर सूंधै राजारा झणंकै जैत वारी सोर,

डंडाळां ठंणंकै ठोर साजांरास डाक।

बाजारा छतीस तार तणंकै भणंकै बाजा,

आवाजां खणंकै बीरां साजां रा अछाक।

पळक्कै कुंडळां हास खळक्कै लंगरां पांव,

ढळक्कै अंगरां स्रम लळक्कै अदार।

झळक्कै कनोर कण्यां हळख्कै अनंगां जोत,

अभंगां भळक्कै अंगां भांण ज्यूं उदार।

जड़े हीरा मुकट्टि यूं जूटके कारंगी जटा,

छूटके सारंगी लटा किलंगी छोग्याळ।

कोटवाळ कासी तणां हूटके तारंगी क्रांत,

भूटके आरंगी भ्रान्त यूं रमै भोपाळ।

सुरग्गां पंयाळ खंडां बंचायो सोभाग सारै,

मचायो सिक्खरी सूंधै पचायो अनूप।

थंडां नाच नचायो यूं देवता अचंभै थया,

रास भैरूंनाथ अेहो रचायो सरूप।

कवी संकर किंकर नै मेळजे ब्रीत गोर काळा,

गजां भीम भेळो रोर मेळजे गैणाग।

राजवारी नमौ जै प्रकास रो अखंडां रूप,

थंडां अनूप रास रो आयो कोई थाग।

स्रोत
  • पोथी : राजस्थानी शक्ति काव्य ,
  • सिरजक : शंकरदान सामौर ,
  • संपादक : भंवरसिंह सामौर ,
  • प्रकाशक : साहित्य अकादेमी, नई दिल्ली ,
  • संस्करण : द्वितीय
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