चारण साहित्य पर गीत

गीत12

सूरा-परा

जग्गा खिड़िया

गीत - माया री मरजाद

भांवरदान बारहठ ‘भांण’

राजा प्रजा संवाद

केसरीसिंह बारहठ

वीरलोक

सूर्यमल्ल मीसण

बीस हाथां रो बाखांण

शंकरदान सामौर

बोम सुण पधारै राज बाई

शंकरदान सामौर

गीत तांतिया टोपे रो

शंकरदान सामौर

गीत श्री गंगाजी रो

शंकरदान सामौर