पालो पाड़ो मत भगवान अैसै भ्रष्टाचारी सूँ॥
मौड़ौ आवै दफ्तर मांय, पाछो बेगौ जावै।
बात-बात में पेशी पलटे जरा तरस नहीं लावै।
पालो पाड़ो मत भगवान अैसै भ्रष्टाचारी सूँ॥
बिना पइसा बात न होवे, सुणै न कोई अरजी।
गाळ-तुंकारा सिवा न बोले, चालै मन री मरजी
पालो पाड़ो मत भगवान अैसै भ्रष्टाचारी सूँ॥
कागज-फायल गायब करणा, डावा हाथ रो खेल।
आगै भी फरियाद हुवै ना, ऊपर सूँ है मेल।
पालो पाड़ो मत भगवान अैसै भ्रष्टाचारी सूँ॥
कोटा परमिट लेसंस री है, दस्तूरी बँधवाई।
काळा-व्यापारी सूँ मिल'नै, अपनणी जुगत जमाई।
पालो पाड़ो मत भगवान अैसै भ्रष्टाचारी सूँ॥
कंट्रोल री चीजां खातर, पूरी पब्लिक तरसै।
बांरै घर में बिना कमाया, रोज रुपैया बरसै।
पालो पाड़ो मत भगवान अैसै भ्रष्टाचारी सूँ॥
भाई भाणजा साळा-समधी, सभी नौकरी पावै।
पब्लिक सरविस रो फरमाणो किणी काम नहीं आवै।
बांरै घर में बिना कमाया, रोज रुपैया बरसै।
पालो पाड़ो मत भगवान अैसै भ्रष्टाचारी सूँ॥
दूर दूर रा दौरा कर'नै भत्ता खूब बणावै।
पब्लिक रा सब खूँटी धरदे, घर रा काम करावै।
पालो पाड़ो मत भगवान अैसै भ्रष्टाचारी सूँ॥
अै'लकार ईमानदार हो, अफसर होवै न्यायी।
'धीरज' कह 'श्रीनाथ' देश में शांति बढ़े सवाई।
पालो पाड़ो मत भगवान अैसै भ्रष्टाचारी सूँ॥