दधि पुत्री पति है सखी, मो चित चढीओ आइ।

काम वाहण नव वसि रहे, सारंग झरे झर लाइ॥

स्रोत
  • पोथी : सोढ़ी नाथी रा गूढ़ार्थ ,
  • सिरजक : सोढ़ी नाथी ,
  • संपादक : दीनदयाल ओझा, भगवानदत्त गोस्वामी, जगदीश माथुर ,
  • प्रकाशक : हिन्दी विश्व भारती, बीकानेर (राज.) ,
  • संस्करण : प्रथम
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