सोढी नाथी
अमरकोट रे राणा भोज री बेटी अर जैसलमेर राज घराणा री बहू। मीरां बाई सूं प्रभावित भगवान कृष्ण रा अनन्य भगत व पश्चिमी राजस्थान री सिरै भगत कवयित्रियों में सूं एक।
अमरकोट रे राणा भोज री बेटी अर जैसलमेर राज घराणा री बहू। मीरां बाई सूं प्रभावित भगवान कृष्ण रा अनन्य भगत व पश्चिमी राजस्थान री सिरै भगत कवयित्रियों में सूं एक।
बाल चरित्र बहु रंग किए
बांण पति जिस बिरद है
भ्रंग लुब्धी अति वास को
दध सुत कूक्यो हे सखी
दध सुत रिप घन ऊलटे
दधि पुत्री पति है सखी
दधि सुत तेज सब लोक में
देव स्वरूपी देव है
द्रोप सुता को पति जिको
दूती गत चंचल चली
गोवरधन गिरि धोरियो
गूढा अरथ से समझि से
जल सुत को सुत तास सुत
जे खरचे खाअै नहीं
करि संगति मन साध की
कासिव सुत रिप कमल
माया जम की लाडिली
मोडाला सुंदर कहे
नाथ साजन सो मिले
नाथी ब्रज कान्हर मही
नाथी सुरती साम की
पग पखीणौ हे सखी
पांणी को पिंड पूतलो
सम मैं संमरथ सो सदा
सारंग के रथ हे सखी
सारंग श्रवने सुरति बहु
सारंग सुत जिसह नर
सारंग वाहण हे सखी
सायर पुत्री तासपति
सायर सुत रिप हे सखी
श्रीपति समरथ हे सखी
तस कर प्यारी आवि के
तेत्रीसां धुरि आगमी
तिस त्रीया के तीन सुत
ऊधव नाथी प्रभु कूं