सरबत भरिया फळ सझै, थळपट टीलां मत्थ।

जळ ऊंडा नर-नीपजै, मुरधर सह समरत्थ॥

स्रोत
  • पोथी : राजस्थान में स्वतंत्रता संग्राम के अमर पुरोधा केसरी सिंह बारहठ ,
  • सिरजक : केसरी सिंह बारहठ ,
  • संपादक : डॉ. सोहनदान चारण ,
  • प्रकाशक : राजस्थान स्वर्ण जयंती समारोह समिति, जयपुर ,
  • संस्करण : प्रथम
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