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साइट: परिचय
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अंजस सोशल मीडिया
‘केहर’ री कुळ-कांण
केसरीसिंह बारहठ
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‘केहर’
री
कुळ-कांण,
भिड़णो,
सो
किम
भूलवे।
नाम
धरम
पहचाण,
कोइक
जाणे
काळिया॥
स्रोत
पोथी
: केसरी सिंह बारहठ
,
सिरजक
: केसरी सिंह बारहठ
,
संपादक
: फतहसिंह मानव
,
प्रकाशक
: साहित्य अकादमी, नई दिल्ली
,
संस्करण
: द्वितीय
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